दोनों की सेक्सी वीडियो

परभणी जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँक

परभणी जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँक, एक बड़े घर की लुगाई चोदने को मिल रही है, साथ में हलवा राबड़ी खाने को मिल रहे हैं.., लेकिन फिर जैसे ही उसके सेठ का मूसल याद आता, वो फिर से बैचैन हो उठती.., लाला और छोटी बहू एक बार शुरू क्या हुए, अब तो वो हर संभव अपने ससुर के लंड पर चढ़ि रहना चाहती थी, इस वजह से अब रगीली और लाला की चुदाई में ब्रेक सा लग गया…!

परिधि ने फिर मुझे जल्दी से तैयार होकर हॉल में आने को कह कर चली गई । जब वो गई तो मैंने बिस्तर पर देखा वहाँ कुछ पैकेट रखा था । मैंने उनपर न ध्यान देते हुए अपने नार्मल ऑउटफिट मैं हॉल मैं आया । मुझे उसका रोना देखा न गया मैंने कहा.... परिधि प्लीज चुप हो जाओ देखो टाइम ज्यादा हो गया है हमें इंगेजमेंट मैं जाना है दीदी इंतज़ार कर रही होगी।

शंकर ने प्यार से उसके होंठों को चूमा और उसकी चुचियों को मसल्ते हुए कहा – पता नही मुझे क्या हो जाता है, जब भी लंड चूत के मुँह पर पहुँचता है, फिर सबर नही होता मुझसे…! परभणी जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँक सुबह रूटीन के हिसाब से नींद खुली 4 a.m और पहुँच गया मैं ग्राउंड लेकिन मेरा मन किसी भी काम में नहीं लग रहा था। ग्राउंड पर मैं और ऋषभ मिले। ऋषभ ने मुझे बधाइयां दी फिर मैंने ऋषभ के रिजल्ट के बारे मैं पूछ, उसे भी अच्छे मार्क्स मिले थे और उसे उम्मीद थी की अपने स्कूल मैं अंडर १०कि पोजीशन में होगा।

पंजाबी सेक्सी वीडियो 2021

  1. बदलू की भाषा भी राणाजी की समझ में ज्यादा न आई. शायद वो भोजपुरी भाषा बोल रहे थे. हाँ गुल्लन उनकी हर बात ठीक से समझ रहे थे. उसके बाद गुल्लन बदलू को अपने साथ बाहर लेकर चल दिए. राणाजी से गुल्लन ने वही बैठने का इशारा कर दिया.
  2. आज मेरी नज़रों में तुम्हारी हैसियत बहुत बढ़ गयी है शंकर, बहुत उँचा कद हो गया है तुम्हारा.., हो सके तो मेरी पुरानी ग़लतियों को भूलकर मुझे माफ़ कर देना…! सेक्सी लड़की के नंबर चाहिए
  3. हम दोनों इस कदर खो चुके थे की बाकि सब मिथ्या और सत्य केवल एक हमारा प्यार।कितनी देर इस एहसास के साथ लिपटे रहे पता ही नहीं पर हमारी एकाग्रता को भंग करते हुए हमारे पीछे से आवाज आई..... इन सब बातों से अंजान, रंगीली का शेर शंकर जैसे ही हवेली जाने के लिए वापस मुड़ा, उसका सामना घर में घुस रहे उसके धर्म पिता.. अरे अपने रामू भैया, जो लाला के खेतों से काम करके लौट रहे थे उनसे हो गया…!
  4. परभणी जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँक...लाला जी – कोई बात नही रंगीली बच्ची है, बोलने दो उसे, हां बता बेटा तू ही बता, लगता है इसके मुँह में तो ज़ुबान ही नही है… रंगीली ने अपना एक हाथ पीछे ले जाकर फ़ौरन उनकी कलाई थाम ली, अपनी मदभरी नसीली आँखों को उनके चेहरे पर गढ़ा कर बोली – वहाँ उंगली नही राजाजी…!
  5. दे-दनादन अनगिनत राउंड उसकी एके-47 से निकलते चले गये…, जब उसकी पूरी मॅगज़ीन खाली हो गयी तब जाकर उसका लंड शांत हुआ…! शंकर की बात सुनकर दूसरा आदमी तैश में आकर बोला – रोहन पकड़ साले को, भेन्चोद कल का लौंडा हमें आँख दिखता है…, इसकी तो माँ…कििई…..

सेक्सी वीडियो इंडियन राजस्थानी

मानिक के पैर तो बाहर खिंच रहे थे लेकिन राणाजी की बात को डर के मारे टाल न सका. डरते डरते उनके पीछे पीछे चल दिया. माला मानिक के पीछे पीछे चली आई.

वो दबे पाँव घर से निकली, बाहर से दरवाजे की सांकल लगाई और चल दी लाला जी के पास, जहाँ वो अपनी प्रेयशी का बड़ी बेसब्री से इंतेज़ार कर रहे थे… लाला रुक कर उसकी पीठ चाटते हुए, एक हाथ से उसकी चुचियों को मसल्ते रहे..फिर जब उसे कुछ राहत हुई, तो उन्होने अपने लंड को थोड़ा बाहर खींचा,

परभणी जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँक,उसकी चूत जैसे ही खुजाने लगती, वो लाला का लंड मुँह में लेकर लॉलीपोप की तरह चूसने लगती, वो मना भी करते तो उन्हें घुड़क देती…!

एक मैं , दूसरी परिधि , और तीसरी वो लड़की एक ही अंदाज में बाद विवाद कर रहे थे और तभी उनमें से दूसरी लड़की बोली ...

शंकर ने पहली बार उसकी बात का जबाब देते हुए कहा – मुझे इतना बेगैरत मत बनाओ सुप्रिया, मे तुम्हारे पति के सामने तुम्हारी प्यास नही बुझा सकता…!मारवाड़ी रिकॉर्डिंग सेक्सी वीडियो

मैं एक टक परिधि को देखता रहा और कदम बढ़ तो रहा था उसी ओर किंतु ऐसा महसूस हो रहा था मानों मै चाह कर भी कदम बढा ना पा रहा हूँ। थोड़ा गौरी बिटिया के साथ खेल लिया करो, वो भी अब बड़ी हो रही है, उसे भी खेलने के लिए किसी का साथ चाहिए..,

लेकिन अब वो बड़ी हो रही थी, बचपन में खेले गये अपने भाई के साथ वाले खेल, जाने कहाँ-कहाँ उसके हाथ लगते थे, आज उन पलों को सोच-सोच कर वो गुद-गुदि से भर जाती…!

बताओ निकाल कर दू क्या? गुल्लन ने आँखों में अधीरता भर कहा, उसमें से पन्द्रह हजार रुपया निकाल कर मुझे दे दो.,परभणी जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बँक शंकर की उंगलियाँ उसकी छोटी सी अन्छुई मुनिया से मात्र दो अंगुल ही दूर थी, जिन्हें और नज़दीक लाने की तिकड़म वो सोचने लगी…,

News